sir mere taraf se bhi ek Tittle- क्या तुम्हें याद है? वो बचपन की बातें, वो बचपन की रातें। वो पढ़ाई की शुरुआत, वो दोस्तों से मुलाकात। जो अभी तक मेरे दिल में आबाद है, क्या तुम्हें याद है- क्या तुम्हें याद है।। वो विषयों की सारे किताबों से दूरी, वो गणित के सारे हिसाबों से दूरी । वो गुरु के सवालों जवाबों से दूरी, बचपने का वह एक अंदाज है, क्या तुम्हें------------याद हैं।। फिर उसी बचपने वास्ते डांट खाना, अम्मी बोले अब्बू से चमाट लगाना, पानी इसको घाट के घाट पिलाना। अब्बू बोले जरा तुम खाट बिछाना, कह सैफ जो तेरे मन के हालात है। क्या तुम्हें---------------याद है? ।। ( सैफुर्रज़ा मोहम्मद तव्वाब शेख)
रसीले जाम से ज्यादा रंगीली शाम कर दूंगा। मैं अपने दिल की धड़कन को तुम्हारे नाम कर दूंगा। तेरी खुशबू को धूमिल का इरादा कर लिया किसने, तेरी महफ़िल चली जाए तो कत्ल-ए-आम कर दूंगा।।
Aisa kya hua tha sir
जवाब देंहटाएंकुछ नहीं, बस ऐसे ही |
जवाब देंहटाएंsir mere taraf se bhi ek
जवाब देंहटाएंTittle- क्या तुम्हें याद है?
वो बचपन की बातें,
वो बचपन की रातें।
वो पढ़ाई की शुरुआत,
वो दोस्तों से मुलाकात।
जो अभी तक मेरे दिल में आबाद है,
क्या तुम्हें याद है- क्या तुम्हें याद है।।
वो विषयों की सारे किताबों से दूरी,
वो गणित के सारे हिसाबों से दूरी ।
वो गुरु के सवालों जवाबों से दूरी,
बचपने का वह एक अंदाज है,
क्या तुम्हें------------याद हैं।।
फिर उसी बचपने वास्ते डांट खाना,
अम्मी बोले अब्बू से चमाट लगाना,
पानी इसको घाट के घाट पिलाना।
अब्बू बोले जरा तुम खाट बिछाना,
कह सैफ जो तेरे मन के हालात है।
क्या तुम्हें---------------याद है? ।।
( सैफुर्रज़ा मोहम्मद तव्वाब शेख)
बहुत खूब ऐसे ही लिखते रहो,
जवाब देंहटाएंNice sir Ji kya quotes hai
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