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जरुरी है भाई

कविता लिखौ जौ पाण्डेय  ब्यंजना औ लच्छना से,  याद   कर   उसको   सुनना    भी  जरुरी   है  / लोभ  मोह त्याग कर जाति धर्म  लिंग भाव , मानव  को आदर्श बाना भी जरुरी है  // रस छंद अलंकार दोहा सोरठा से , बिनु घ्हूँघट  के दुल्हन सा  सजाना भी जरुरी है  / कविता मने माँ भावै चाहे भ्ाेजेम  भेज  जावै , जोरदार तालियां बजाना भी  जरुरी है //