संदेश

2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कीजिए कीजिए।

चित्र
फु़र्शत मिले तो काल कीजिए। चाहे आज चाहे काल कीजिए।। लव़ खा़मोश निगाहें नम हैं,शिर्फ़ तेरे दीदार के लिए। रूबरू हो के दिल को मालामाल कीजिए।। इन्सानियत गर कुछ बची हो,कमाल कीजिए। अपने ओर मेरे लम्हे, बेमिसाल कीजिए। तुम न थे तो थी जिंदगानी इक अधूरी दास्तान,  गर मिल गए हैं तो अब ना बवाल कीजिए फु़र्शत मिले तो काल कीजिए। चाहे आज चाहे काल कीजिए।।