बड़ा कवि-

अउरिउ कवी सब आँधर हुवैँ ,
हमका यक्कै अँखियक बनाऊ रे माई|


गणपति अइसन नाक कान मोरा हुवै, बरगद अइसन पेट फुलाऊ रे माई |


इनका भाँटा कै पेँड़ बनाकै हमै,
मोटका यू. के. लिप्टिस बनाऊ रे माई|

आँधी भूकम्प जहाँ से चलै वहीँ दर्रा हुवै तौ बिठाऊ रे माई|

अउरिउ कवी सब बगुला हुवैँ,
हमका बड़ा हंस बनाउ रे माई|

आशा औ लता से पातर बोली ,
मोरे कंठ का अइसन सजाऊ रे माई |

दस गड्डी नोटि हमै कहिया मिली ,
अइसन ऊँचा मंच बताऊ रे माई|

चाहे जवन बस बड़ा हुवै बैँक,
वही मँइहा खाता खोलाऊ रे माई|

टिप्पणियाँ

  1. आशा औ लता से पातर बोली ,
    मोरे कंठ का अइसन सजाऊ रे माई | good ambition

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  2. दस गड्डी नोटि हमै कहिया मिली ,
    अइसन ऊँचा मंच बताऊ रे माई|
    .................वाह भाई वाह क्या बात है

    जवाब देंहटाएं

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