मेरे बड़े भईया
पग-पग पे दिखाते ज्योति भाव सब ग्रंथ सिखाते हैं,
सचमुच मेरे भईया मुझको मंत्र बताते हैं |
बोझ नही बनते अपना, मेरा भी बोझ उठाते हैं,
लेते नही किसी का कुछ भी प्यार दिखाते हैं,
गुरु -वशिष्ठ, द्रोणाचार्य से लगते जड्तंत्र सँवारते हैं,
सचमुच मेरे-------||
तल्लीन ही रहते मेरे पढने के सामान सँजोने मे,
रखते हमे साथ अपने सोने के हिंडोले मे,
निरबानी को सब-बानी बनाते गुरु-मंत्र दिलाते हैँ,
सचमुच मेरे भइया मुझको मंत्र बताते हैँ||
सचमुच मेरे भईया मुझको मंत्र बताते हैं |
बोझ नही बनते अपना, मेरा भी बोझ उठाते हैं,
लेते नही किसी का कुछ भी प्यार दिखाते हैं,
गुरु -वशिष्ठ, द्रोणाचार्य से लगते जड्तंत्र सँवारते हैं,
सचमुच मेरे-------||
तल्लीन ही रहते मेरे पढने के सामान सँजोने मे,
रखते हमे साथ अपने सोने के हिंडोले मे,
निरबानी को सब-बानी बनाते गुरु-मंत्र दिलाते हैँ,
सचमुच मेरे भइया मुझको मंत्र बताते हैँ||
aapke bade bhaiya bahut acche hai .
जवाब देंहटाएंगुरु -वशिष्ठ, द्रोणाचार्य से लगते जड्तंत्र सँवारते हैं, bahut khoob
जवाब देंहटाएंतल्लीन ही रहते मेरे पढने के सामान सँजोने मे,
जवाब देंहटाएंरखते हमे साथ अपने सोने के हिंडोले मे,
...........अच्छी प्रस्तुति /