मयखाने में।

सुना है बहुत मशहूर हो तुम दिल बहलाने में,
कभी तशरीफ़ तो लाओ हमारे गरीबख़ाने में।

लुटा दूंगा तुम पर, ये नभ भर इश्क का जादू ।
मेहरबां! गुफ्तगू कर लो, तो न जाऊं किसी मयखाने में।

(सनत)

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